आत्मविश्वास

 

          एक युवक जो की पढाई में सामान्य था और मुश्किल से पास हो पाता था।उसने सैनिक भर्ती के लिए आवेदन दिया।कई बार की कोशिशो के बाद उसका सलेक्शन हो गया।उसके जानकारों ने मजाक उड़ाते हुए कहा ये क्या करेगा ,कोई अंग तुड़वाकर वापिस आ जायेगा।  

         उनके आश्चर्य का तब ठिकाना न रहा जब उन्होंने सुना कि युद्ध में उस युवक ने जलते हुए बम विरोधी सेना पर बरसाए और गोलियों की बौछार में अपने साथी की जान बचाई।
       उस वीर युवक के शब्द है ,”युद्ध में बंदूके नहीं सैनिको का आत्मविश्वास लड़ता है।”
संसार में अगर कोई प्रेरणा शक्ति है तो वह है आत्मविश्वास।जिसके बल पर व्यक्ति असम्भव को भी सम्भव कर देता है।