Ehsaas

एक  व्यक्ति को व्यापार मे घाटा हो गया .लेनदारों के डर से वह सदमे में चला गया और सारा दिन शराब में डूबा रहने लगा।उसके घर में खाने पिने तक को नहीं रहा .उसके सारे रिश्तेदारो  ने उससे मुह मोड़ लिया .इसी दोरान एक दिन उसकी पत्नी ने उसके पुराने मित्र को फोन लगाया . उसके सामने अपनी व्यथा सुनाकर रोने लगी .दोस्त जिसे पहले से सब मालूम था उसने कहा आप चिंता न करे . “मै हूँ  ना ”  वह आगे कुछ कहना चाहता था लेकिन फोन कट गया .दोस्त के शब्दो को उसकी पत्नी ने अपने पति से कहा .इन शब्दों का उस व्यक्ति पर ऐसा असर हुआ कि उसने  एक बार फिर हिम्मत के साथ अपना व्यापार शुरू किया .कुछ दिनों की मेहनत और लगन से उसका काम चल निकला .उस व्यक्ति ने अपने दोस्त को फोन किया कि वह उसके बुरे वक्त में बहुत काम आया और कहा की तुम्हारा धन्यवाद करने के लिए तुमसे मिलना चाहता हूँ . जब वह व्यक्ति तोहफों के साथ अपने दोस्त के पास पहुँचा तो दोस्त बहुत ग्लानि से भर गया क्योकि वह तो असल में उसकी कोई मदद करना ही नहीं चाहता था . अनायास ही उसके मुँह से ये शब्द “मै हूँ  ना ” निकल गये और फोन कट गया . दोस्त को शब्दों के महत्व का अहसास हुआ कि कैसे अपनेपन के दो शब्द किसी की ज़िन्दगी बदल सकते हैं .इसलिए शब्दों का चयन सोच समझ कर करना चाहिए .