योग्यता

रिटायर्ड पुलिस अफसर अपने बेटे के साथ रहता था। एक बार वह अपनी पत्नी के साथ बहु के बनाये स्वादिष्ट पकवानों का स्वाद ले रहा था कि फ़ोन की घंटी बजी जिसे उसने लपक कर उठा लिया। क्योंकि इस समय अक्सर उसका अमेरिका में रहने वाले  बेटे का फ़ोन आता था। पिता ने उत्साह से बेटे से पूछा आज तीज पर क्या विशेष बना है। बेटे ने कहा कि यहाँ तीज का तो नहीं पता पर हाँ मैंने  और बच्चे ने फ्रिज से खाना निकाल कर खा लिया है। मेरी पत्नी अभी ऑफिस में है।पिता आगे कुछ कहते कि बेटे ने कहा कि उसने पैसे भिजवा दिए हैं। आप अपना इलाज़ अच्छे हॉस्पिटल में करा ले। छुट्टिया ना मिलने की वजह से वह भारत नहीं आ पा रहा है।तभी दरवाजे पर अपने छोटे बेटे को देखकर पिता ने डांटना शुरू किया नालायक! पहले पढाई पर ध्यान नहीं दिया अब किसी तरह क्लर्क की नौकरी मिली है उसमे भी दिल लगाकर काम नहीं करता। बेटे ने धीरे से कहा पिताजी आज आपको अस्पताल लेकर जाना है इसलिए दो घंटे की इजाजत लेकर आया हूँ। पिता मौन हो गए और आँखों में आंसू भरे अपने उस बेटे को देखते रहे जिसे किसी से मिलवाने में भी उन्हें शर्म आती थी क्योंकि वे खुद बड़े अफसर और उनका बड़ा बेटा उनसे भी बड़ा अफसर। आज पिता को अपने नालायक बेटे की योग्यता समझ आ गई थी। इंसान की योग्यता उसकी सोच और उसके व्यवहार पर निर्भर करती है न कि उसके पद पर।