मुस्कुराहट

 

   एक बच्ची अपने पिता से बहुत प्यार करती थी उसके पिता ने ही उसे पाला था क्योकिं बचपन में ही उसकी माँ मर गयी थी।थोड़ी बड़ी होते ही बिटिया अपने पिता के लिए नाश्ता ,खाना बनाने के साथ उनकी हर छोटी -बड़ी जरूरतों का ध्यान रखने लगी।पिता अपनी प्यारी सी बिटिया को बहुत प्रेम करते थे और उसको हमेशा अपने आस -पास ही रखते थे।एक दिन अचानक बिटिया बीमार हुई और चल बसी।पिता की तो जैसे दुनिया ही लुट गयी ,वह हर समय बिटिया को याद करके रोते रहते उन्हें न खाने -पीने की सुध रही और नहीं अपने काम की।
   एक दिन इसी तरह रोते -रोते जब वह सो गए तो उन्होंने देखा बहुत सारी परियाँ हाथ में मोमबत्ती लिए अपनी मस्ती में इघर -उधर घूम रही हैं ,उन्हीं में एक परी जिसके हाथ में बुझी मोमबत्ती है और वह उदास भी हैं।पिता ने उसके पास जाकर देखा कि यह तो उसकी प्यारी बिटिया है ,उसने उसकी उदासी व बुझी हुई मोमबत्ती के बारे में पूछा तो परी बन गयी बेटी ने बताया कि आप मेरी याद में रोते रहते हैं इसलिए आपके आंसुओ से मेरी मोमबत्ती बुझ जाती है और आपको उदास देखकर मैं भी उदास रहने लगी हूँ।पिता को अपनी गलती का अहसास हुआ तो अपनी बिटिया को गले लगाकर पिता हँसने लगे तो बिटिया भी हँस पड़ी और परी के हाथ की मोमबत्ती स्वयं ही जल गई।
    पिता की नींद खुल गई अब उन्होंने कभी दुखी न होने का प्रण ले लिया।बहुत से गरीब व अनाथ बच्चों की सेवा करने लगे अब उन्हें पापा कहकर बुलाने वाले अनेकों बच्चे हो गए हैं और वह हमेशा खुश रहते है अपनी इस नई दुनिया में।मुस्कुराहट हमें जीने की प्रेरणा देती हैं जबकि आंसू हमारी जीवन शक्ति को नष्ट करके हमें गम के गहरे गर्त में ले जाते हैं जिसमें डूबकर हम अपनी काबिलियत को भुलाकर कुछ भी सोचने -समझने लायक नहीं नहीं बचते हैं।इसलिए कैसी भी परिस्तिथि हो हमें खुश रहना चाहिए क्योकिं जहाँ कोई तरकीब नहीं चलती वहाँ छोटी सी मुस्कुराहट काम बना देती है।इसलिए तो कहते हैं —
   जिन्दगी में सदा मुस्कुराते रहो ,फासले कम करो दिल मिलाते रहो।
  दर्द कैसा भी हो आँख नम ना करो ,रात काली सही कोई गम ना करो ,
 एक सितारा बनो जगमगाते रहो ,फ़ासले कम करो दिल मिलते रहो।
 बाँटना है अगर बाँट लो हर ख़ुशी गम न जाहिर करो तुम किसी को कभी ,
दिल की गहराई में गम छिपाते रहो ,फासले कम करो दिल मिलाते रहो।
जिन्दगी में सदा मुस्कुराते रहो —————————————————.

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