भरोसा

 

पन्द्रह जवानों का समूह अपने अधिकारी के नेतृत्व में हिमालय की और बढ रहा था।ठंड का मौसम था,रात हो चली थी और जवान भी थक गए थे।तभी उनकी नजर एक बंद पड़ी चाय की दुकान पर पड़ी उन्होंने अपने मेजर से पूछा क्या वे दुकान का ताला तोड़कर चाय बनाकर पी सकते है।मेजर ने वक्त की नजाकत को समझते हुए इजाजत दे दी।जवानो ने चाय पी और पूरे उत्साह से अपने मिशन की ओर चल दिए।

तीन महीने बाद जब वे लौटकर आये तो वह दुकान खुली देखकर वे उसमें गए चायवाला एक गरीब बूढ़ा आदमी था।इतने लोगों को एक साथ देखकर बहुत खुश हुआ कि आज तो अच्छी कमाई होगी। जवानों ने जमकर नाश्ता किया और उससे बाते करते हुए पूछा कि दूरदराज के इलाके में दुकान चलाने का क्या मकसद है।उस बूढ़े आदमी ने जो भी जवाब दिया सब में ईश्वर के प्रति अगाध भरोसा था कि उसने सब कुछ ईश्वर की इच्छा से किया है ,वरना उसकी हस्ती ही क्या है ?जवानो ने उसकी बात से असहमत होते हुए कहा कि यह सब तुम्हारी मेहनत और हिम्मत की वजह से है ,यदि भगवान कुछ करने वाला होता तो तुम इतने गरीब नहीं होते।

बूढ़े आदमी ने उन्हें बताया कि जब -जब मैंने ईश्वर से मदद मांगी है उसने मेरी मदद की है।उसने तीन महीने पहले का अनुभव बताते हुए कहा कि मेरे बेटे की बहुत तबियत ख़राब थी मै जल्दी दुकान बंद करके चला गया था।मेरे पास बच्चे की दवाई के भी पैसे नहीं थे ,मैंने ईश्वर से प्रार्थना की और सुबह जब दुकान पर पहुंचा तो दुकान का ताला टूटा हुआ था और चीनी के डिब्बे के पास एक हजार का नोट रखा था।मेरे ईश्वर ने मेरी मदद करने के लिए मेरी दुकान का ताला खोला और मुझे इतना धन दे गये कि मेरे बच्चे का इलाज आराम से हो गया।

बूढ़े की बात सुनकर जवान बताना चाहते थे कि यह नोट तो उनके मेजर ने वहाँ रखा था लेकिन मेजर ने इशारे से मना किया क्योकि वह नहीं चाहता था कि बूढ़े आदमी का ईश्वर से भरोसा उठ जाए।वैसे भी ईश्वर कभी भी खुद प्रकट होकर किसी की मदद नहीं करते वे किसी न किसी को अपने प्रतिनिधि के रूप में भेजते है।इसीलिए तो जब मुसीबत में कोई हमारे काम आता है तो हम उसे अनेको धन्यवाद के साथ यह कहना नहीं भूलते कि आप तो हमारे जीवन में भगवान बनकर आये है।

भरोसा हमारे जीने का आधार है बिना भरोसे के कोई रिश्ता नहीं बन सकता।बिना भरोसे के हम अपने जीवन में सफल नहीं हो सकते। इसीलिए हमें अपने जीवन से संदेह को निकालकर भरोसे को जगह देनी चाहिए ताकि हम एक सुखद व शांतिपूर्ण जीवन जी सके।